एक्ट्रेस किरण खेर को हुआ मल्टीपल माइलोमा, जानें कितनी खतरनाक बीमारी है, लक्षण और कारण

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मल्टीपल मायलोमा के लक्षण

– हड्डियों में दर्द (रीढ़ / छाती के आसपास)

– भ्रम

– लगातार संक्रमण होना

– वज़न घटना और खाने में तकलीफ होना

– ज़रूरत से ज़्यादा प्यास लगना और शरीर में पानी की कमी महसूस होना

– थकावट

– पैरों में कमज़ोरी लगना

– घाव होना

– मतली और कब्ज सहित गैस्ट्रोइंटेसटाइनल संबंधी शिकायतें।

जानिए क्या है मल्टीपल माइलोमा?

जानिए क्या है मल्टीपल माइलोमा?

मल्टीपल माइलोमा एक प्रकार का ब्लड कैंसर है। इस बीमारी में खून में व्हाइट ब्लड सेल्स संबंधी दिक्कत आती है। जिसके कारण कैंसर के सेल्स बोन मैरो में जमा होने लगती है जिसके कारण नॉर्मल कोशिकाएं प्रभावित हो जाती है। प्लाज्म सेल्स के अंदर होने के कारण इसे मल्टीपल माइलोमा कहा जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इस बीमारी का खतरा सबसे अधिक होता है।

मल्टीपल माइलोमा शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

मल्टीपल माइलोमा शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

मल्टीपल माइलोमा का सबसे बड़ा संकेत है, शरीर में ‘एम प्रोटीन’ का बढ़ना। क्योंकि असामान्य, घातक कोशिकाएं स्वस्थ सेल फ़ंक्शन को रोकती हैं, एक व्यक्ति को लगातार संक्रमण, रक्त विकार और हड्डियों टूटने का अनुभव होता है।रक्त कोशिका की क्षमता में कमी से एनीमिया, अत्यधिक रक्तस्राव, रक्त और गुर्दे के संक्रमण जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में प्रतिरक्षा प्रणाली को अपना काम करने में परेशानी भी आती है। कैंसरयुक्त माइलोमा हड्डियों को भी विनाशकारी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में हड्डियों में घाव, दर्द और फ्रेक्चर हो सकते हैं।

अन्य संकेतों और लक्षणों की अनुपस्थिति में, अचानक, असामान्य चोट लगना और काफी खून बह जाना पहला संकेत हो सकता है। इसकी फौरन जांच की जानी चाहिए। शुरुआती दिनों में संकत काफी धीरे-धीरे उभरते हैं और उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।

कैसे करें डायग्नोज?

कैसे करें डायग्नोज?

अगर आपको मल्टीपल माइलोमा के लक्षण नजर आते हैं तो आप एक्स रे, सीबीसी, यूरिन की जांच, सीटी स्कैन, पीईटी स्कैन फिर एनआरआी द्वारा पता करके डॉक्टर की सलाह ले सकते है। मल्टीपल माइलोमा है कि नहीं इसकी सटिक पुष्टि बायोप्सी द्वारा ही होती है।

मल्टीपल माइपोमा का इलाज

मल्टीपल माइपोमा का इलाज

इस ब्लड कैंसर को दवाओं के साथ-साथ कीपोथेरिपी, रेडएशन थेरेपी, ट्रांसप्लांट या पिर सर्जरी के द्वारा किया जा सकता है। कौन सा इलाज आपके लिए सही होगा यह कैंसर की स्टेज के ऊपर निर्भर है।

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