बाढ़ प्रभावित राज्यों में Free Ration की होगी Doorstep Delivery

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नई दिल्ली। बिहार ( Bihar ), असम ( Asaam ), केरल ( Kerala ) और कर्नाटक ( Karnataka ) समेत कई दूसरे राज्यों में भारी-बारिश और बाढ़ ( Heavy Rain And Flood ) के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान एनएफएसए ( National Food Security Act ) के तहत मिल रहा सस्ता राशन के साथ पीएमजीकेएवाई ( Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana ) के तहत मुफ्त राशत वितरण भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ( Union Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution Ram Vilas Paswan ) ने ऐसे सभी राज्यों को राशन की डोरस्टेप डिलीवरी ( Doorstep Delivery of Rations ) करने को कहा है।

डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था हो
पासवान ने ट्वीट में कहा है कि देश के कई राज्यों में बाढ़ एवं भारी बारिश के कारण भयावह स्थिति पैदा होने से लोग गांव छोड़ दूसरी जगह आश्रय ले रहे हैं, जिससे उनके लिए राशन की दुकानों से अनाज लेना असंभव है। राम विलास पासवान ने राज्य सरकारों से कहा कि जो बाढ़ पीडि़त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन दुकान से राशन नहीं ले पा रहे हैं, उनके लिए राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाए।

इतना मिलता है मुफ्त राशन
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्डधारक पीडीएस के लाभार्थी को पांच किलो अनाज (गेहूं या चावल) मुफ्त दिया जाता है। कोरोना काल में अप्रैल से लागू मुफ्त अनाज वितरण की यह योजना शुरू में तीन महीने के लिए थी, लेकिन बाद में इसे पांच महीने और बढ़ाकर नवंबर तक कर दिया गया है। पीएमजीकेएवाई के पहले चरण में प्रत्येक राशन कार्डधारक परिवार को एक किलो प्रोसेस्ड दाल देने का प्रावधान था मगर दूसरे चरण में एक किलो साबूत चना दिया जाता है।

किफायती दरों पर मिल रहा अनाज
पासवान ने बताया कि पीएमजीकेएवाई के तहत पांच किलो मुफ्त अनाज और एनएफएसए के तहत किफायती दरों पर मिल रहे अनाज को मिलाकर केंद्र सरकार अप्रैल से नवंबर तक एनएफएसए के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को हर महीने 10 किलो अनाज दे रही है।

रेलवे की जमीन पर बनेंगे भंडारण गृह
उन्होंने कहा कि इस प्रकार चार सदस्यों के एक परिवार को आठ महीने में तीन क्विंटल से ज्यादा अनाज मिलेगा। इससे पहले उन्होंने रेलमंत्री पीयूष गोयल के साथ विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक की जानकारी दी। पासवान ने बताया कि बैठक में रेलवे की जमीन पर खाद्य मंत्रालय के भंडारण संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से भंडारण गृह बनाने की योजना पर विचार-विमर्श किया गया।











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