सुशांत सिंह राजपूत के मर्डर के सुबूत – गले पर मिले स्टन गन के दो निशान, US डॉक्टर ने बताया कैसे हुआ

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फंदा और बेड

फैन्स ने लगातार सुशांत की आत्महत्या के तरीके पर सवाल उठाए और इसमें से एक प्रश्न काफी वायरल हुआ था। ये प्रश्न था सुशांत की हाइट और बिस्तर से सीलिंग फैन की हाइट। दरअसल, सुशांत के कमरे में बिस्तर पर स्टूल या कुर्सी जैसी कोई चीज़ नहीं मिली थी। फैन्स का सवाल था कि जो आदमी आराम से बिस्तर पर खड़े होकर फंदा बना सकता है वो उस फंदे पर झूल नहीं पाएगा।

पुलिस ने सुलझाई थ्योरी

पुलिस ने सुलझाई थ्योरी

पुलिस ने एक रिपोर्ट में कहा सुशांत सिंह राजपूत की हाइट थी 5 फीट 10 इंच और बिस्तर से पंखे की हाइट थी 5 फीट 11 इंच। यानि कि एक इंच का फासला। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण, पंखा, ना ही कमरे के बीचों बीच था और ना ही बिस्तर के। इसलिए सुशांत ने फंदा तो बिस्तर पर खड़े होकर बनाया लेकिन फिर वो उस तरफ झूल गए जिधर बिस्तर का सहारा नहीं था। ज़मीन से पंखे की दूरी 8 फीट 1 इंच थी। और फिर दम घुटने से सुशांत की मौत हो गई।

किसने उतारी बॉडी

किसने उतारी बॉडी

सिद्धार्थ पिठानी ने एक चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में साफ कहा कि मौत के बाद सुशांत को सबसे पहले देखने वाले वो ही थे और उन्होंने ही सुशांत की बॉडी फंदे से अलग की थी। उन्होंने सुशांत के एक रिश्तेदार के कहने पर चाकू से फंदा काटा और सुशांत के शरीर को नीचे उतारा था।

कैसे उतारी बॉडी

कैसे उतारी बॉडी

वहीं लोगों ने सवाल किया था कि जब कमरे में कोई स्टूल नहीं था तो सिद्धार्थ पिठानी, जो कि कद में सुशांत सिंह राजपूत से छोटे हैं, उन्होंने सुशांत की बॉडी अकेले कैसे संभाली और उतारी।

दो बार आत्महत्या की कोशिश

दो बार आत्महत्या की कोशिश

सुशांत सिंह राजपूत के कमरे में एक बाथरोब की बेल्ट के दो हिस्से मिले थे जिससे ये दावा किया गया था कि उन्होंने पहले इससे फंदा बनाने की कोशिश की होगी पर उनका भार वो बेल्ट संभाल नहीं पाई होगी और टूट गई होगी। और इसके बाद उन्होंने अपने हरे रंग के कुर्ते का इस्तेमाल किया था।

किसी ने नहीं देखा शव

किसी ने नहीं देखा शव

वहीं पुलिस और सुशांत की बहन के आने से पहले बॉडी उतर चुकी थी और किसी ने सुशांत के शरीर को लटकते नहीं देखा था। हालांकि एंबुलेंस के ड्राईवर का दावा था कि शव पुलिस ने उतारा था।

नहीं मिली तस्वीरें

नहीं मिली तस्वीरें

वहीं जब किसी ने लाश लटकती देखी ही नहीं तो इसकी तस्वीरें भी नहीं हैं। फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट ने एक न्यूज़ चैनल को नाम ना बताने की शर्त पर ये भी दावा किया कि मौके पर कोई फॉरेंसिक एक्सपर्ट मौजूद नहीं था।

दो एंबुलेंस की थ्योरी और दोस्त का झूठ

दो एंबुलेंस की थ्योरी और दोस्त का झूठ

सुशांत के घर पर दो एंबुलेंस आई जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल थीं। जहां एंबुलेंस ड्राईवर ने सफाई में कहा कि पहली एंबुलेंस की व्हील चेयर खराब थी इसलिए हमने दूसरी एंबुलेंस बुलवाई थी, वहीं सुशांत के दोस्त संदीप सिंह ने रिपब्लिक टीवी के बार बार पूछने पर भी यही कहा कि एक ही एंबुलेंस आई थी।

क्यों नहीं तोड़ा था ताला

क्यों नहीं तोड़ा था ताला

सुशांत सिंह राजपूत के कमरे को खुलवाने के लिए पहले एक चाभी बनवाने वाले को बुलाया गया और फिर नई चाभी बनवाने के बाद कमरा खोला गया। उस चाभी बनवाने का बयान किसी ने दर्ज नहीं किया।

कभी नहीं लॉक करते थे रूम

कभी नहीं लॉक करते थे रूम

सुशांत सिंह राजपूत के पुराने स्टाफ का कहना है कि हम सुशांत के साथ उनके कापरी हाईट्स वाले घर में रहते थे और कमरा लॉक करने की आदत उन्हें कभी नहीं थी। हालांकि ये स्टाफ, रिया के सुशांत की ज़िंदगी में आने के बाद बदल दिया गया था।

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